Friday, December 7, 2018

स्कूल में 4 साल की बच्ची से रेप, लोगों ने की तोड़फोड़

राजधानी में बच्चियां अब स्कूल में भी सुरक्षित नहीं है. आउटर दिल्ली के एक पब्लिक स्कूल में नर्सरी क्लास की 4 साल की बच्ची के साथ रेप का मामला सामने आया है. बच्ची के अभिभावक पहले बच्ची को लेकर स्कूल गए. यहां स्कूल की प्रिंसपल ने ऐसी घटना से इनकार कर दिया. इसके बाद पीड़ित बच्ची के परिवार वाले वहां से सीधे थाने पहुंचे और घटना के बारे में पुलिस को बताया. लेकिन पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया.

इधर घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए और हंगामा कर दिया. इस दौरान नाराज लोगों ने स्कूल में तोड़-फोड़ भी की. इस दौरान मौके पर पहुंची पुलिस ने भीड़ को तीतर-बितर करने के लिए लाठियां भांजी.

मामला बढ़ता देख पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और लोगों को कार्रवाई का अश्वासन देकर शांत करवाया. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है. पुलिस स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और शक के बिनाह पर कई युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.

जानकारी के अनुसार 4 वर्षीय मासूम बच्ची के पिता एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं. वहीं, मासूम एक पब्लिक स्कूल में नर्सरी की छात्रा है. पुलिस सूत्रों के अनुसार बुधवार दोपहर स्कूल से आने के बाद बच्ची ने मां को पेट में दर्द की शिकायत की. देखने पर पाया गया कि बच्ची के प्राइवेट पार्ट  से खून निकल रहा था. इसके बाद परिवार बच्ची को लेकर अस्पताल पहुंचा फिर स्कूल. स्कूल की प्रिसंपल ने ऐसी कोई घटना होने से साफ मना कर दिया.

जानकारी के मुताबिक जब स्कूल प्रशासन ने पीड़ित परिवार की बात नहीं मानी तो वह थाने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने भी उक्त मामले को गंभीरता से नहीं लिया. इधर, स्थानीय लोगों को जैसे ही घटना के बारे में पता चला तो सैकड़ों की संख्या में भीड़ एकत्र हो गई.

लोगों ने स्कूल के बाहर जाकर जमकर हंगामा किया और तोड़-फोड़ शुरू कर दी. मामले की सूचना मिलते ही जिले के डीसीपी व वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे. भीड़ को बढ़ता देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया. वहीं, वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्रवाई का अश्वासन देकर लोगों को शांत करवाया. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

Tuesday, December 4, 2018

राहुल को PM मोदी का जवाब- भारत माता की जय का विरोध करने वालों को शर्म आनी चाहिए

राजस्थान और तेलंगाना विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए आखिरी 48 घंटे बचे हैं. ऐसे में सभी राजनीतिक दल अपनी पूरी ताकत झों रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राजस्थान में तीन रैलियों को संबोधित करेंगे. इसके अलावा पीएम मोदी राजधानी जयपुर में रोड शो भी कर सकते हैं. प्रधानमंत्री ने सबसे पहले राजस्थान के हनुमानगढ़ में रैली को संबोधित किया.

प्रधानमंत्री मोदी ने सीकर में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान को तो पता चल गया कि सर्जिकल स्ट्राइक क्या होता है, लेकिन भारत में बैठे पाकिस्तान के जन्मदाताओं को समझ नहीं आ रहा है. कांग्रेस पार्टी आए दिन हमारी सेना का अपमान करती है. सेना के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करती है, हमारे जवान सर्जिकल स्ट्राइक करके आए. पूरा देश जोश से भरा था, लेकिन कांग्रेस पार्टी में ऐसा लग रहा था जैसे कोई शोक सभा चल रही है.

सीकर से पीएम मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि चुनाव में अपनी पराजय को देखकर कांग्रेस के नामदार भारत माता का अपमान करने पर तुले हैं. इंडिया इज इंदिरा से लेकर के भारत मां की जय के बजाए सोनिया गांधी की जय बोलना नामदार का चरित्र है, हम तो जिएंगे भी भारत मां के लिए और मरेंगे तो भी भारत मां के लिए.

इससे पहले अलवर के मलखेड़ा में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर हमला करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने राजस्थान के युवाओं को धोखा दिया है. पीएम बनने के बाद वे किसी और की चौकीदारी कर रहे हैं. पीएम हर रैली में नारे लगवाते हैं भारत माता की जय. उन्हें कहना चाहिए ललित मोदी की जय, नीरव मोदी की जय और अनिल अंबानी की जय.

उन्होंने भाषण की शुरुआत में कहा कि सीकर यानी शौर्य, सौन्दर्य, शिक्षा और संस्कार. मुझे सीकर की इस धरती पर आकर बहुत गर्व हो रहा है. शेखावटी की पहचान दो कारणों से है, दाल-बाटी-चूरमा और शेखावटी के सूरमा. दाल-बाटी-चूरमा खाकर यहां के नौजवान देश की गौरवगाथा लिख रहे हैं.

इससे पहले, हनुमानगढ़ में चुनावी रैली में प्रधानमंत्री ने कहा कि आज नौसेना दिवस है, हम उन्हें बधाई देते हैं. इसी धरती के बेटे एडमिरल विजय सिंह शेखावत, एडमिरल माधवेंद्र सिंह ने देश की सेवा की. नौ सेना की 6 बेटियों मेक इन इंडिया की नाव में पूरे विश्व का चक्कर लगाने निकल पड़ीं.

कांग्रेस की वजह से गया करतारपुर

उन्होंने कहा कि सत्ता के मोह में संतुलन भी खो जाए, राजगद्दी जल्द से जल्द मिल जाए इसके लिए कई गलतियां हुई हैं. जब देश आजाद हुआ तो राजगद्दी पर बैठने की जल्दबाजी में कुछ ध्यान नहीं दिया गया. 1947 में संप्रदाय के नाम पर विभाजन हुआ, मुसलमानों को इस्लाम के नाम पर देश चाहिए था. इनमें भी सबसे बड़ी गलती कांग्रेसियों ने की थी, यही कारण रहा कि गुरु नानक देव की कर्मभूमि करतारपुर साहिब पाकिस्तान में चला गया.